मिट्टी से आकाश तक
सारस क्रेन पर मंडराते खतरे “इस प्रजनन मौसम में हमें केवल तीन घोंसले मिले। पाँच चूजों में से केवल दो ही जीवित बचे। मौसम की शुरुआत में अपने चूजों को खोने वाले एक सारस क्रेन जोड़े ने अक्टूबर में फिर … Read More
सारस क्रेन पर मंडराते खतरे “इस प्रजनन मौसम में हमें केवल तीन घोंसले मिले। पाँच चूजों में से केवल दो ही जीवित बचे। मौसम की शुरुआत में अपने चूजों को खोने वाले एक सारस क्रेन जोड़े ने अक्टूबर में फिर … Read More
मध्य भारतीय वनों के करिश्माई स्तनधारियों के बारे में सोचते समय आमतौर पर जिन प्रजातियों का ध्यान आता है, वे हैं बाघ, तेंदुआ, धोल, कठोर भूमि पर रहने वाला बारहसिंगा और गौर। हाथियों की हाल की वापसी के साथ कई … Read More
अत्यधिक अनुकूलन क्षमता, भीषण सूखे और रोगों को सहने की ताकत, गहरी जड़ें, तेज़ बढ़वार, कठोर स्वभाव, आक्रामकता, ‘पागलपन’ – गरम और शुष्क क्षेत्रों में जीने के लिए विकसित किसी भी पौधे के लिए ये सब गुण आदर्श माने जा … Read More
प्रकृति में उद्विकास की प्रक्रिया के दौरान अनेक जीवों ने बदलते पर्यावास में अपनी प्रजाति का अस्तित्व बनाए रखने के लिए विभिन्न सुरक्षा प्रणालियों को विकसित किया है। कुछ जीवों ने सुरक्षा के लिए झुंड में रहना सीखा, तो बिना … Read More
डब्ल्यू0 सी0 टी0 को 2025 के सैटेलाइट्स फॉर बायोडायवर्सिटी पुरस्कार विजेताओं में से एक के रूप में चुना गया है! ब्रिटेन स्थित कनेक्टेड कंज़र्वेशन फाउंडेशन (सी0 सी0 एफ0) और एयरबस फाउंडेशन के साथ मिलकर, डब्ल्यू0 सी0 टी0 गंगा बेसिन में … Read More
सागरेश्वर वन्यजीव अभयारण्य, महाराष्ट्र के सांगली ज़िले में स्थित एक 10.87 वर्ग किमी का छोटा किन्तु अनोखा संरक्षित क्षेत्र है। यह अभयारण्य विशेष रूप से इसलिए प्रसिद्ध है क्योंकि इसे एक मानव निर्मित वन्यजीव अभयारण्य कहा जाता है। पहले यह … Read More
रेगिस्तान के जहाज़ ऊँट को उसके लम्बे समय तक बिना पानी पीये चलने की क्षमता के कारण बख़ूबी जाना जाता है । लेकिन अगर रेगिस्तान में बिना पानी लम्बे समय तक रहने का मुक़ाबला रखा जाये तो शायद ऊँट शीर्ष … Read More
वाइल्ड्लाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट (WCT) में लंबे समय से हमारी यह कामना रही है कि हम वन्यजीव संरक्षण की कहानियों और अवधारणाओं को कई भाषाओं में बच्चों तक पहुँचा सकें। Illustration: WCT and Pratham Books और हमारे काम और ज़मीनी स्तर … Read More
दसियों हजार वर्ग किलोमिटर में फैले जंगल मध्य भारत के जंगल पूरे देश ही नहीं, बल्कि विश्व के सबसे अच्छे बाघ पर्यवासों में शुमार होते हैं। 2022 की बाघों की गणना के अनुसार मध्य भारत के जंगल लगभग 1439 बाघों … Read More
हम सभी जानते हैं कि भारत के वन्यजीवों पर सदैव मंडराते अनेक ख़तरों में से एक सबसे बड़ा ख़तरा है उनका अवैध शिकार। यदि हम ज़मीन पर रहने वाले स्तनपाई वन्यप्राणियों की बात करें तो उनके अवैध शिकार को लेकर … Read More
Otter (ऑटर)! आप सभी ने कभी न कभी इस अनूठे जीव के बारे में सुना या पढ़ा होगा, या फिर इनकी कोई तस्वीर या वीडियो देखी होगी। ये चंचल अर्ध-जलीय स्तनपायी दुनिया भर के खारे और मीठे पानी के जलस्रोतों … Read More
कछुओं का संबंध सामान्यतः पानी से देखा जाता है । सूखे रेगिस्तान के तपते मैदानों में विचरण करते हुए कछुए का चित्रण शायद ही आमजन में सहज होगा । लेकिन भारत में कछुए की एक प्रजाति ऐसी है जिसने सूखे … Read More
पत्थरों के बने रास्ते से गुज़रते हुये,मैं और डॉ अनीश अंधेरिया,मुंबई शहर के बीचों बीच स्थित,मुंबई शहर के उपनगरीय शोरगुल वाले इलाके में स्थित, वन में पहुँच जाते हैं/हमें उस वन की सुंदरता,आकर्षित करती है, और, उस वन का महत्व… Read More
WCT का फ्लोविड़र (FLOWIDER) एप नदीय प्रजाति संरक्षण और बाढ़ जोखिम प्रबंधन के महत्वपूर्ण डेटा को एकीकृत करता है नदी में, बाढ़ प्रजातियों को,पारिस्थितिकी तंत्र को और बाढ़ के मैदान में रहने वाले समाज को, जीवित और स्वस्थ रखती है… Read More
रेत खनन क्या है? रेत खनन,प्राकृतिक तौर पर बनी हुई मिट्टी को,नदी के किनारों से,नदी के तलो से,झीलों से या फिर तटों से निकालने को कहते हैं।रेत एक ‘सिलिकेट खनिज’ पदार्थ है,जिसका अधिक मात्रा में उपयोग, निर्माण कार्यों में होता… Read More