मध्य भारत की जंगली भैंसें

मध्य भारतीय वनों के करिश्माई स्तनधारियों के बारे में सोचते समय आमतौर पर जिन प्रजातियों का ध्यान आता है, वे हैं बाघ, तेंदुआ, धोल, कठोर भूमि पर रहने वाला बारहसिंगा और गौर। हाथियों की हाल की वापसी के साथ कई … Read More

सागरेश्वर की कहानी – पुनर्वन्यकरण (रीवाइल्डिंग) का एक प्रयोग

सागरेश्वर वन्यजीव अभयारण्य, महाराष्ट्र के सांगली ज़िले में स्थित एक 10.87 वर्ग किमी का छोटा किन्तु अनोखा संरक्षित क्षेत्र है। यह अभयारण्य विशेष रूप से इसलिए प्रसिद्ध है क्योंकि इसे एक मानव निर्मित वन्यजीव अभयारण्य कहा जाता है। पहले यह … Read More

बाघ, वन और समुदाय (Tiger, Forests and Communities) परियोजना: एक संक्षिप्त अवलोकन

दसियों हजार वर्ग किलोमिटर में फैले जंगल मध्य भारत के जंगल पूरे देश ही नहीं, बल्कि विश्व के सबसे अच्छे बाघ पर्यवासों में शुमार होते हैं। 2022 की बाघों की गणना के अनुसार मध्य भारत के जंगल लगभग 1439 बाघों … Read More

शिकारी फंदे – जंगल में बिछे मौत के अदृश्य जाल

हम सभी जानते हैं कि भारत के वन्यजीवों पर सदैव मंडराते अनेक ख़तरों में से एक सबसे बड़ा ख़तरा है उनका अवैध शिकार। यदि हम ज़मीन पर रहने वाले स्तनपाई वन्यप्राणियों की बात करें तो उनके अवैध शिकार को लेकर … Read More

सतपुड़ा का रहस्यमयी ‘बिलाव’

Otter (ऑटर)! आप सभी ने कभी न कभी इस अनूठे जीव के बारे में सुना या पढ़ा होगा, या फिर इनकी कोई तस्वीर या वीडियो देखी होगी। ये चंचल अर्ध-जलीय स्तनपायी दुनिया भर के खारे और मीठे पानी के जलस्रोतों … Read More